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बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना और जया बच्चन ने केवल एक फिल्म ‘बावर्ची’ में साथ काम किया था. दर्शकों को उनकी जोड़ी पसंद आई, लेकिन इसके बावजूद दोनों कलाकार दोबारा कभी किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए. आखिर इसकी वजह क्या थी? कई रिपोर्ट्स और किताबों में दावा किया गया है कि ‘बावर्ची’ की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन को लेकर हुई कुछ टिप्पणियों और असहज माहौल ने दोनों के रिश्तों पर असर डाला. जानिए राजेश खन्ना, जया बच्चन, अमिताभ बच्चन और फिल्म ‘बावर्ची’ से जुड़ा यह चर्चित बॉलीवुड किस्सा.

सोफे पर बैठी सिमरन ने मुस्कुराते हुए समीर से पूछा कि क्या उसे पता है कि बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना और जया बच्चन ने सिर्फ एक ही फिल्म में साथ काम किया था. समीर ने प्यार भरी नजरों से उसकी ओर देखते हुए कहा कि इस एक फिल्म के पीछे ऐसी कहानी छिपी है, जिसे जानकर हर फिल्म प्रेमी हैरान रह जाता है. फिर दोनों ने तय किया कि आज वे राजेश खन्ना के करियर के इस दिलचस्प और चर्चित किस्से पर पूरी बातचीत करेंगे.

सिमरन ने समीर से कहा कि राजेश खन्ना सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि 70 के दशक का ऐसा नाम थे, जिनकी लोकप्रियता किसी जुनून से कम नहीं थी. इस पर समीर ने बताया कि 1969 से लेकर शुरुआती 70 के दशक तक उनकी फिल्मों का नाम ही सफलता की गारंटी माना जाता था. लाखों प्रशंसक, खासकर महिला फैंस, उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहती थीं. यही वजह थी कि उस दौर में लगभग हर कलाकार उनके साथ काम करने का सपना देखता था.

समीर ने सिमरन को बताया कि साल 1972 में रिलीज हुई ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म बावर्ची में राजेश खन्ना और जया भादुड़ी पहली बार साथ नजर आए थे. सिमरन ने कहा कि यह फिल्म आज भी अपनी सादगी और शानदार अभिनय के लिए याद की जाती है. दर्शकों ने दोनों की जोड़ी को काफी पसंद किया था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इतनी सफल फिल्म देने के बावजूद दोनों कलाकार फिर कभी किसी फिल्म में साथ दिखाई नहीं दिए.
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सिमरन ने बातचीत आगे बढ़ाते हुए कहा कि बावर्ची की शूटिंग के दौरान हुई एक घटना को दोनों कलाकारों के बीच दूरी की शुरुआत माना जाता है. समीर ने बताया कि कई रिपोर्टों के अनुसार राजेश खन्ना ने जया भादुड़ी से अमिताभ बच्चन को लेकर एक टिप्पणी की थी. उस समय अमिताभ अपने संघर्ष के दौर में थे और जया उनके काफी करीब थीं. कहा जाता है कि यह बात जया को पसंद नहीं आई और यहीं से रिश्तों में असहजता बढ़ने लगी.

समीर ने कहा कि उस समय राजेश खन्ना इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार थे, जबकि अमिताभ बच्चन अभी खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे. सिमरन ने जवाब दिया कि कई किताबों और रिपोर्टों में यह भी लिखा गया है कि काका अमिताभ को उतनी गंभीरता से नहीं लेते थे. जब अमिताभ बावर्ची के सेट पर जया से मिलने आते थे, तब भी उन्हें खास महत्व नहीं दिया जाता था. यही व्यवहार जया को अच्छा नहीं लगा और उनके मन में नकारात्मक भावना पैदा होने लगी.

समीर ने कहा कि बावर्ची की सफलता के बाद लोगों को उम्मीद थी कि राजेश खन्ना और जया भादुड़ी की जोड़ी आगे भी कई फिल्मों में दिखाई देगी. इस पर सिमरन ने कहा कि दोनों कलाकार उस समय लोकप्रिय थे और दर्शकों को उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री भी काफी पसंद आई थी. लेकिन निजी स्तर पर पैदा हुई असहजता ने इस संभावना को खत्म कर दिया. नतीजा यह हुआ कि बॉलीवुड को एक संभावित सुपरहिट जोड़ी दोबारा देखने का मौका नहीं मिला.

समीर ने कहा कि बावर्ची की सफलता के बाद लोगों को उम्मीद थी कि राजेश खन्ना और जया भादुड़ी की जोड़ी आगे भी कई फिल्मों में दिखाई देगी. इस पर सिमरन ने कहा कि दोनों कलाकार उस समय लोकप्रिय थे और दर्शकों को उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री भी काफी पसंद आई थी. लेकिन निजी स्तर पर पैदा हुई असहजता ने इस संभावना को खत्म कर दिया. नतीजा यह हुआ कि बॉलीवुड को एक संभावित सुपरहिट जोड़ी दोबारा देखने का मौका नहीं मिला.

सिमरन ने कहा कि राजेश खन्ना की लोकप्रियता जितनी बड़ी थी, उतनी ही चर्चा उनके व्यक्तित्व को लेकर भी होती थी. समीर ने बताया कि कुछ लोग उन्हें बेहद आत्मविश्वासी मानते थे, जबकि कुछ आलोचकों का मानना था कि उनकी स्टारडम उनके व्यवहार में भी झलकती थी. बावर्ची से जुड़ा यह किस्सा भी अक्सर इसी संदर्भ में याद किया जाता है. कहा जाता है कि जया को लगा कि काका खुद को दूसरों से बड़ा समझते हैं, जिससे उनके मन में दूरी और बढ़ गई.

समीर ने सिमरन से कहा कि यह कहानी सिर्फ दो कलाकारों के बीच के मतभेद की नहीं, बल्कि बदलते बॉलीवुड की भी कहानी है. सिमरन ने सहमति जताते हुए कहा कि एक तरफ राजेश खन्ना अपने सुपरस्टार दौर के शिखर पर थे, जबकि दूसरी तरफ अमिताभ बच्चन धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहे थे. कुछ साल बाद अमिताभ ने ‘एंग्री यंग मैन’ की छवि के साथ इंडस्ट्री पर राज किया. इसलिए बावर्ची का यह किस्सा बॉलीवुड के एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक भी माना जाता है.

सिमरन ने कहा कि तमाम विवादों के बावजूद बावर्ची आज भी राजेश खन्ना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है. समीर ने बताया कि फिल्म में उन्होंने रघु नाम के ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया था, जो प्रेम और समझदारी से एक बिखरे परिवार को जोड़ देता है. यह भूमिका उनकी रोमांटिक स्टार वाली छवि से अलग थी और दर्शकों ने इसे खूब सराहा. यही वजह है कि आज भी बावर्ची का नाम आते ही राजेश खन्ना और जया बच्चन दोनों की चर्चा जरूर होती है.

सिमरन ने समीर को याद दिलाया कि राजेश खन्ना पर लिखी चर्चित किताब राजेश खन्ना: कुछ तो लोग कहेंगे में भी इस पूरे किस्से का जिक्र मिलता है. समीर ने कहा कि किताब के अनुसार बावर्ची के दौरान बने माहौल और बातचीत ने दोनों कलाकारों के रिश्तों को प्रभावित किया था. हालांकि कभी कोई बड़ा सार्वजनिक विवाद सामने नहीं आया, लेकिन फिल्म के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए और फिर उन्हें किसी फिल्म में साथ नहीं देखा गया.

