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बॉलीवुड के कई एक्टर-एक्ट्रेस ने अपनी एक्टिंग से तो दिल जीता ही लेकिन जब-जब उन्हें मौका मिला तो अपनी गायकी से सबका दिल खुश कर दिया. राखी गुलजार, रेखा, माला सिन्हा, शबाना आजमी, स्मिता पाटिल जैसी एक्ट्रेस अपनी गायन प्रतिभा दिखा चुकी हैं. बॉलीवुड की बेहतरीन अदाकारा में से एक नूतन ने भी 70 के दशक में रिलीज एक फिल्म में एक गाना गाया था. नूतन ने अपनी गायकी से बड़े-बड़े सिंगर्स का सिंहासन हिला दिया था. वो सुपरहिट सॉन्ग कौन सा थ और वो फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं……..

एक्ट्रेस शोभना समर्थ और निर्देशक-कवि कुमार सेन समर्थ के घर 4 जून 1936 को जन्मीं नूतन ने 1950 में ‘हमारी बेटी’ फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रखा. उस समय उनकी उम्र केवल 14 वर्ष थी. कम उम्र में ही मिस इंडिया का खिताब भी अपने नाम किया. हालांकि उन्हें वास्तविक पहचान साल 1955 में रिलीज हुई फिल्म ‘सीमा’ से मिली. बेस्ट एक्ट्रेस का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला. इसके बाद नूतन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. नूतन ने अपने करियर में 70 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और लगातार पांच साल तक बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता है.

नूतन शानदार एक्ट्रेस तो थी हीं, वो बहुत अच्छी सिंगर भी थीं. उन्होंने संगीत की शिक्षा ली थी. वैसे तो नूतन ने कई गीत गाए हैं लेकिन आज हम जिस गाने की बात करने जा रहे हैं वो 1970 में रिलीज मनोज कुमार की फिल्म ‘यादगार’ में सुनाई दिया था. ‘यादगार’ फिल्म में मनोज कुमार-नूतन और प्राण लीड रोल में थे. इसके अलावा, मदन पुरी, प्रेम चोपड़ा, कामिनी कौशल अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन एस. राम शर्मा ने किया था. मूवी 4 जुलाई 1970 को रिलीज हुई थी.

‘यादगार’ फिल्म का म्यूजिक कल्याण जी-आनंद जी ने कंपोज किया था. म्यूजिक सुपरहिट था. फिल्म में कुल 5 गाने थे. ये गाने थे : ‘एक तारा बोले’, ‘जिस पथ पे चला’, ‘वो खेत में मिलेगा’, ”बोली सावन की रात’, और ‘बहारों का है मेला’. इन गानों को गीतकार वर्मा मलिक और इंदीवर ने लिखा था. इन गानों में आवाजें महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर, आशा भोसले, मनहर उधास की थीं.
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इसी फिल्म का एक गाना एक्ट्रेस नूतन ने भी मनहर उधास-महेंद्र कपूर के साथ मिलकर गाया था. गाने के बोल थे : बोली सावन की रात बड़ी पवन है बात, हो रंग खुशियों ने पहनी गुलाबी, हो हमने देखी है होने वाली भाभी. संगीतकार कल्याण जी-आनंद जी ने यह गाना नूतन से रिकॉर्ड करवाया था. गाना नूतन पर ही फिल्माया जाना था. नूतन को जब गाने का ऑफर मिला तो वह इनकार नहीं कर पाईं. नूतन ने बहुत ही शानदार ढंग से गाना गाया.

1959 में नूतन ने इंडियन नेवी के कमांडर रजनीश बहल से शादी की थी. शादी के बाद भी उन्होंने फिल्में कीं. 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिलन; और 1978 की ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला. 1974 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया.

इस फिल्म का एक और गाना ‘जिस पथ पे चला’ खूब लोकप्रिय हुआ. इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया था. गाना नूतन पर फिल्माया गया था. गाना इंदीवर ने लिखा था. आज भी इस गाने को सुनकर दिल में हलचल पैदा हो जाती है. गाना बहुत ही कर्णप्रिय है. गाने के बोल भी बहुत ही सुंदर है.

‘यादगार’ फिल्म गीतकार वर्मा मलिक के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुईई थी. वर्मा मलिक ने ‘एक तारा बोले’ और ‘बोली सावन की रात’ जैसे सुपरहिट गाने लिखे थे. इसके बाद उन्होंने ‘हाय-हाय ये मजबूरी’, ‘आज मेरे यार की शादी है’ ‘महंगाई मार गई’, और ‘चलो रे डोली उठाओ कहार’ जैसे सुपरहिट गाने लिखे.

कहा जाता है कि मनोज कुमार ने ही फिल्म का निर्देशन किया था लेकिन क्रेडिट नहीं मिला. मनोज कुमार इस फिल्म में अमिताभ बच्चन को एक छोटा सा रोल देना चाहते थे लेकिन कई फिल्में फ्लॉप होने की वजह से वो दिल्ली चले गए थे. मनोज कुमार की ‘यादगार’ और ‘पहचान’ फिल्म एक ही दिन रिलीज हुई थी. ‘यादगार’ सेमी हिट साबित हुई थी. अगले ही साल 1971 में उनकी फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ ने तहलका मचा दिया था.

