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ठीक 31 साल पहले 2 जून 1995 को थिएटर में एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी, जिसने बॉलीवुड के सारे पुराने समीकरण बदल दिए थे. यह वो समय था जब शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान इंडस्ट्री में तेजी से अपना दबदबा बना रहे थे. अक्षय कुमार और गोविंदा जैसे स्टार्स बॉक्स ऑफिस पर राज कर रहे थे. इसी बीच, एक नए एक्टर संजय कपूर ने अपनी फिल्म ‘राजा’ से बॉक्स ऑफिस पर ऐसा धमाल मचाया कि बड़े-बड़े दिग्गज भी हैरान रह गए. इंद्र कुमार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने कमाई के कई नए रिकॉर्ड बनाए.

नई दिल्ली. साल 1995 को बॉलीवुड के इतिहास में एक क्रांतिकारी साल माना जाता है. इस साल हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में रिलीज हुईं जिन्होंने बाद में कल्ट स्टेटस हासिल किया. हालांकि, इस साल की सबसे हैरान करने वाली सक्सेस स्टोरी अनिल कपूर के छोटे भाई संजय कपूर ने लिखी. 2 जून 1995 को रिलीज हुई ‘राजा’ संजय कपूर के करियर की सिर्फ दूसरी फिल्म थी (उन्होंने इससे पहले ‘प्रेम’ से डेब्यू किया था). जब फिल्म थिएटर में आई, तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि कोई नया एक्टर उस जमाने के जाने-माने सुपरस्टार्स को टक्कर देगा, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर जो हुआ उसने इतिहास रच दिया.

अगर आप 1995 के बॉक्स ऑफिस चार्ट देखें, तो यह खान्स (शाहरुख, सलमान, आमिर) और एक्शन स्टार्स का दबदबा वाला दौर था. हालांकि, संजय कपूर की ‘राजा’ ने कमाई के मामले में उस साल रिलीज हुई कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया. अगर आंकड़ों और सफलता के लेवल की तुलना करें, तो शाहरुख खान की ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और सलमान-शाहरुख स्टारर ‘करण अर्जुन’ को छोड़कर, उस साल रिलीज हुई शाहरुख खान की बाकी सभी बड़ी फिल्में, जैसे ‘राम जाने’ और मल्टी-स्टारर ‘त्रिमूर्ति’, बॉक्स ऑफिस पर ‘राजा’ के आगे झुकती दिखीं. इसके अलावा, संजय कपूर ने कमाई के मामले में मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की कल्ट क्लासिक्स ‘रंगीला’ और ‘अकेले हम अकेले तुम’ को अकेले ही पीछे छोड़ दिया. ‘राजा’ 1995 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी.

‘राजा’ की सफलता डायरेक्टर इंद्र कुमार के विजन और ‘धक-धक गर्ल’ माधुरी दीक्षित के जादुई स्टारडम की वजह से थी. उस समय इंद्र कुमार डायरेक्टर्स की लिस्ट में सबसे आगे थे, जिन्होंने ‘दिल’ और ‘बेटा’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी थीं. ‘राजा’ में उन्होंने रोमांस, फैमिली ड्रामा, एक्शन और बेहतरीन म्यूजिक का ऐसा कॉकटेल बनाया जो ऑडियंस को बहुत पसंद आया.
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माधुरी दीक्षित उस समय अपने करियर के पीक पर थीं. ‘मधु’ के तौर पर उनकी परफॉर्मेंस और संजय कपूर के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को ऑडियंस ने खूब पसंद किया. फिल्म के गाने जैसे ‘अखियां मिलाओ कभी अखियां चुराओ’ और ‘किसी दिन बनूंगी मैं राजा की रानी’ आज भी 90 के दशक के सबसे पॉपुलर गानों में गिने जाते हैं. नदीम-श्रवण के म्यूजिक ने फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता में जान डाल दी.

1995 में गोविंदा की कॉमेडी और अक्षय कुमार की ‘खिलाड़ी’ सीरीज को बॉक्स ऑफिस पर सफल माना गया. उस साल रिलीज हुई गोविंदा स्टारर ‘कुली नंबर 1’ और ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ जैसी फिल्में भी बहुत सफल रहीं. लेकिन जब ‘राजा’ के फाइनल बॉक्स ऑफिस आंकड़े सामने आए, तो ये दोनों बड़े स्टार्स हैरान रह गए.

एक नए एक्टर की फिल्म का उन दिनों सिंगल-स्क्रीन थिएटर में हफ्तों तक हाउसफुल चलना और जबरदस्त कमाई करना ट्रेड पंडितों के लिए भी किसी चमत्कार से कम नहीं था. ‘प्रेम’ की नाकामी के बाद, संजय कपूर एक हिट की तलाश में थे और ‘राजा’ ने उन्हें सीधे स्टारडम तक पहुंचा दिया. हालांकि वह बाद के सालों में वैसी सफलता नहीं दोहरा सके, लेकिन 2 जून 1995 को रचा गया इतिहास उनके करियर का सबसे चमकीला पन्ना बन गया, जो हमेशा के लिए अमर हो गया.

आज जब भी 90 के दशक की सबसे बड़ी सरप्राइज ब्लॉकबस्टर फिल्मों की बात होती है, तो ‘राजा’ सबसे पहले आती है. इस फिल्म ने साबित कर दिया कि मजबूत कंटेंट और दर्शकों के साथ सही कनेक्शन के साथ, सबसे बड़ा स्टारडम भी फीका पड़ सकता है.

