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देह व्यापार एक ऐसा विषय है जिसपर बॉलीवुड बरसों से फिल्में बना रहा है. कुछ फिल्में क्लासिक कल्ट की फेहरिस्त में शामिल हुईं तो कुछ अंडररेडेट रहीं. लेकिन हर बार जब किसी एक्ट्रेस ने सेक्स वर्कर का रोल अदा किया तो एक बात तो तय थी कि हर कोई उनके अभिनय का लोहा मानने लगा. क्रिटिक्स उनके शानदार अभिनय के मुरीद हो गए और कई एक्ट्रेसेस ने सेक्स वर्कर का किरदार अदा कर नेशनल अवॉर्ड भी झटक लिया.

नई दिल्ली. रेखा ने फिल्म ‘उमराव जान’ में सेक्स वर्कर का किरदार अदा किया था. रेखा ने उमराव जान में एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया था, जिसे बचपन में कोठे पर बेच दिया जाता है. बड़ी होकर वह एक मशहूर तवायफ और शायरा बनती है. उसकी जिंदगी प्यार, बिछड़ने के दर्द और कई मुश्किलों से भरी होती है.वह अपने जज़्बातों को ग़ज़लों और शायरी के जरिए बयां करती है. रेखा ने इस किरदार को इतने खूबसूरत और भावुक अंदाज में निभाया कि दर्शक आज भी उनकी उमराव जान को नहीं भूल पाए हैं. रेखा को ‘उमराव जान’ में देखकर ऐसा लगता है कि मानो वो सिर्फ इस किरदार को निभा नहीं रही हैं, बल्कि इसे जी रही हैं. रेखा ने तवायफ का किरदार अदा कर नेशनल अवॉर्ड झटक लिया था.

मीना कुमारी की ‘पाकीजा’ उनके करियर और जीवन की आखिरी फिल्म थी. फिल्म की रिलीज के कुछ दिन बाद ही एक्ट्रेस ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. एक ऐसी तवायफ का किरदार निभाया था, जो बाहरी दुनिया की चमक-दमक के बीच भी एक सम्मानजनक जिंदगी और सच्चे प्यार की तलाश में रहती है. उसकी जिंदगी दर्द, अकेलेपन और अधूरे सपनों से भरी होती है, लेकिन फिर भी वह बेहतर भविष्य की उम्मीद नहीं छोड़ती. फिल्म में मीना कुमारी के साथ राजकुमार लीड रोल में थे.

‘चमेली’ में करीना कपूर ने मुंबई की एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था. एक बरसाती रात में उसकी मुलाकात एक अजनबी से होती है और दोनों के बीच जिंदगी को लेकर कई भावुक बातचीत होती हैं. करीना ने इस किरदार को बेहद सहज और संवेदनशील तरीके से निभाया, जिसके लिए उन्हें खूब सराहना मिली.
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तब्बू के करियर की बात हो और उनकी फिल्म ‘चांदनी बार’ का जिक्र न हो ऐसा तो मुमकिन नहीं. फिल्म चांदनी बार में तब्बू ने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया है, जो मजबूरी में बार डांसर बनती है. जिंदगी में एक के बाद एक मुश्किलों का सामना करते हुए वह अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए संघर्ष करती है. इस दमदार भूमिका के लिए तब्बू को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था.

‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में आलिया भट्ट ने कमाठीपुरा की एक ऐसी महिला का किरदार निभाया जिसे उसका कोई अपना ही काली गलियों में ढकेल जाता है. हालात का शिकार बनने के बजाय अपनी पहचान खुद बनाती है. वह कोठे की मालकिन बनने के बाद सेक्स वर्कर्स के हकों के लिए आवाज उठाती है और अपने समुदाय की मजबूत नेता बनकर उभरती है. इस दमदार रोल के लिए आलिया भट्ट ने नेशनल अवॉर्ड जीता था.

‘देव डी’ में कल्कि कोचलिन ने एक मॉर्डन और प्रोग्रेसिव सोच रखने वाली यंग लड़की का रोल अदा किया था. वो अपनी मजबूरी और हालातों का शिकार होकर कॉल गर्ल बन जाती तमाम मुश्किलों के बावजूद वह अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीने की कोशिश करती है. कल्कि के इस किरदार को उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिना जाता है.

‘बेगम जान’- ‘बेगम जान’ में विद्या बालन एक कोठे की मालकिन की भूमिका में नजर आई थीं. भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौर में जब उनके कोठे को खाली कराने की कोशिश होती है, तो वह अपने साथ रहने वाली महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी हो जाती हैं. इस रोल में विद्या बालन के अभिनय को खूब सराहा गया था.

‘चोरी चोरी चुपके चुपके’- इस फिल्म में प्रीति जिंटा ने एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था, जिसे एक दंपति अपने बच्चे की सरोगेट मां बनने के लिए चुनता है. धीरे-धीरे वह भावनात्मक रूप से इस परिवार से जुड़ने लगती है. प्रीति ने इस भूमिका में भावनाओं और मासूमियत का खूबसूरत मेल दिखाया.

‘लागा चुनरी में दाग’- अभिषेक बच्चन, रानी मुखर्जी और जया बच्चन की फिल्म ‘लागा चुनरी में दाग’ में रानी ने एक ऐसी महिला का किरदार अदा किया था जो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ऐसा रास्ता चुनती है. उन्होंने हाई सोसाइटी एस्कॉर्ट का रोल प्ले किया था. फिल्म में रानी ने दमदार अभिनय किया था.

‘देवदास’- फिल्म ‘देवदास’ में माधुरी दीक्षित ने चंद्रमुखी का किरदार निभाया था. वह एक तवायफ होती है, लेकिन दिल से बेहद दयालु और संवेदनशील है. देवदास के दर्द को समझते हुए वह हर कदम पर उसका साथ देती है और आखिरकार वो उससे सच्चा प्यार कर बैठती है. ऐसा प्यार जो कभी पूरा नहीं हो सकता है.

