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आज से ठीक 14 साल पहले 1 जून 2012 को एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी, जिसने बॉलीवुड में सिंगल-स्क्रीन थिएटर की खोई हुई शान वापस ला दी थी. हम बात कर रहे हैं खिलाड़ी अक्षय कुमार और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर ब्लॉकबस्टर ‘राउडी राठौर’ की. प्रभुदेवा के डायरेक्शन और संजय लीला भंसाली के प्रोड्यूस की हुई इस फिल्म ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी. साउथ इंडियन कल्ट क्लासिक ‘विक्रमार्कुडु’ की रीमेक, इसने हिंदी बेल्ट में कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और अक्षय कुमार को उनकी पहली 100 करोड़ की सोलो हिट दी.

नई दिल्ली. याद कीजिए साल 2012, जब बॉलीवुड में जबरदस्त एक्शन और मसाला फिल्मों का दौर फिर से शुरू हो रहा था. सलमान खान की ‘दबंग’ और ‘बॉडीगार्ड’ जैसी फिल्मों ने सिंगल-स्क्रीन थिएटर में नई जान डाल दी थी. इस बीच, ‘राउडी राठौर’ 1 जून 2012 को थिएटर में रिलीज हुई. फिल्म के पोस्टर पर अक्षय कुमार अपनी मूंछें घुमा रहे थे और बैकग्राउंड में बज रहा तेज म्यूजिक इस बात का इशारा था कि थिएटर में कुछ बड़ा आने वाला है. रिलीज के पहले दिन से ही फिल्म की रफ्तार ने बॉक्स ऑफिस पंडितों को भी हैरान कर दिया.

‘राउडी राठौर’ तेलुगु सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर एसएस राजामौली की फिल्म ‘विक्रमार्कुडु’ की ऑफिशियल हिंदी रीमेक थी. रवि तेजा ने साउथ में जो जादू चलाया था, उसे अक्षय कुमार ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में दोगुने जोश के साथ दोहराया. इस फिल्म को कोरियोग्राफर से डायरेक्टर बने प्रभुदेवा ने डायरेक्ट किया था, जिन्होंने ‘पोकिरी’ की रीमेक ‘वांटेड’ के साथ बॉलीवुड की मसाला फिल्म हिस्ट्री में पहले ही एक नया चैप्टर लिख दिया था. ‘राउडी राठौर’ में उन्होंने साउथ इंडियन एक्शन, लाउड बैकग्राउंड स्कोर, दमदार डायलॉग और देसी गानों को इस तरह मिलाया कि नॉर्थ इंडिया के दर्शक थिएटर में खड़े होकर नाचने लगे.

इस फिल्म की सबसे बड़ी USP खुद अक्षय कुमार थे. उन्होंने डबल रोल किया- एक तरफ ठग शिवा, जो अपनी कॉमिक टाइमिंग और हल्के-फुल्के अंदाज से लोगों को हंसाता है और दूसरी तरफ टफ आईपीएस ऑफिसर विक्रम सिंह राठौर. विक्रम राठौर के रोल में अक्षय कुमार का एटीट्यूड, गुस्सा और एक्शन दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता था. उनके फैंस सालों से अक्षय कुमार को ऐसे प्योर एक्शन अवतार में देखने के लिए तरस रहे थे और ‘राउडी राठौर’ ने उनकी यह भूख मिटाई.
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सोनाक्षी सिन्हा ने फिल्म में ‘पारो’ का रोल किया था. ‘दबंग’ के बाद, उनके देसी और बबली अवतार को दर्शकों ने खूब पसंद किया. अक्षय कुमार के साथ उनकी केमिस्ट्री बहुत अच्छी थी. इसके अलावा, फिल्म के म्यूजिक ने भी इसकी सफलता में अहम भूमिका निभाई. दिवंगत म्यूजिक कंपोजर जोड़ी साजिद-वाजिद ने फिल्म के लिए ऐसे गाने बनाए जो चार्टबस्टर बन गए. ‘चिंता ता चिता चिता’, ‘धड़ंग धड़ंग’ और ‘आ रे प्रीतम प्यारे’ जैसे गानों ने थिएटर को डांस क्लब में बदल दिया. साजिद-वाजिद के म्यूजिक ने फिल्म की रफ्तार को कभी धीमा नहीं होने दिया.

आंकड़ों के हिसाब से, 2012 में ‘राउडी राठौर’ ने बॉक्स ऑफिस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया था. लगभग 60 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 133 करोड़ से ज्यादा की कमाई की, जबकि दुनिया भर में इसकी कमाई 200 करोड़ से ज्यादा थी. यह फिल्म अक्षय कुमार के करियर में एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई, क्योंकि यह 100 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली उनकी पहली सोलो फिल्म थी. इसके बाद अक्षय कुमार बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद और भरोसेमंद स्टार्स की लिस्ट में टॉप पर आ गए.

एक अच्छी मसाला एक्शन फिल्म तभी पूरी होती है जब उसका विलेन दमदार हो. साउथ के जाने-माने एक्टर नासिर ने ‘बापजी’ का खतरनाक किरदार निभाया. उनकी क्रूरता और अक्षय कुमार की हीरोइन के बीच का टकराव देखने लायक था. इसके अलावा, यशपाल शर्मा और परेश गणात्रा जैसे एक्टर्स ने अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस से फिल्म में कॉमेडी और ड्रामा का सही बैलेंस बनाए रखा.

आज सिनेमा का मूड बदल गया है, लेकिन ‘राउडी राठौर’ जैसी प्योर कमर्शियल मसाला फिल्मों की जगह कोई नहीं ले सकता. यह फिल्म हमें बॉलीवुड के उस सुनहरे दौर की याद दिलाती है, जब सिर्फ मल्टीप्लेक्स ऑडियंस ही नहीं, बल्कि आम जनता भी सीटियां और तालियां बजाने के लिए थिएटर में आती थी.

