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सुपरहिट एक्टर के बेटे ने सोचा था कि उनका करियर पिता की तरह लंबा और यादगार होगा. मगर हुआ इसके उलट. उन्होंने साल 2002 में फिल्म ‘अब के बरस’ से बॉलीवुड में कदम रखा था, लेकिन ‘रेडी’ और ‘गुरु’ जैसी बड़ी फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें वह मुकाम नहीं मिल सका. हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और पंजाबी सिनेमा की ओर रुख किया, जहां उन्हें फिल्म ‘यार अन्मुल्ले’ से बड़ी पहचान मिली. इसके अलावा, वह ‘बिग बॉस 8’ और टीवी सीरियल में रावण के किरदार से पॉपुलर हुए.

नई दिल्ली: बॉलीवुड में स्टार किड्स का आना और उनसे बड़ी उम्मीदें रखना कोई नई बात नहीं है. दर्शकों को हमेशा लगता है कि जो मुकाम माता-पिता ने हासिल किया, बच्चे भी उसी रास्ते पर चलेंगे. लेकिन फिल्मी दुनिया की सच्चाई थोड़ी अलग है, यहाँ हर किसी की किस्मत एक जैसी नहीं चमकती. दिग्गज अभिनेता राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर भी एक ऐसे ही स्टार किड हैं, जिनसे इंडस्ट्री और फैंस को बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं.(फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

आर्य बब्बर ने खुद एक इंटरव्यू में कुबूल किया था कि वह अपने पिता की तरह एक लंबा, मजबूत और यादगार फिल्मी सफर तय करना चाहते थे. हालांकि, बॉलीवुड की चकाचौंध में उन्हें वह बड़ी सफलता नहीं मिल सकी जो उनके पिता को मिली थी. इसके बावजूद आर्य ने कभी घुटने नहीं टेके. उन्होंने खुद को सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पंजाबी सिनेमा, टीवी, थिएटर और यहाँ तक कि लेखन में भी अपनी किस्मत आजमाई.
(फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

24 मई 1981 को मुंबई में जन्मे आर्य बब्बर का बचपन पूरी तरह फिल्मी और कलात्मक माहौल में बीता. उनके पिता राज बब्बर जहां सिनेमा के बड़े नाम रहे, वहीं उनकी मां नादिरा बब्बर थिएटर की दुनिया की एक जानी-मानी हस्ती हैं. घर में हर तरफ एक्टिंग और कला की बातें होती थीं, जिससे आर्य का झुकाव भी बचपन से इसी तरफ हो गया. उनकी बड़ी बहन जूही बब्बर और सौतेले भाई प्रतीक बब्बर भी एक्टिंग की दुनिया से जुड़े हुए हैं. (फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)
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आर्य ने साल 2002 में फिल्म ‘अब के बरस’ से बॉलीवुड में कदम रखा था, जिसमें उनके साथ अमृता राव ने भी डेब्यू किया था. बड़े बैनर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई और बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. पहली फिल्म पिटने के बाद भी राज बब्बर के बेटे होने के नाते उन्हें मौके मिलते रहे, लेकिन बतौर लीड हीरो वह दर्शकों के दिलों में वह खास जगह नहीं बना पा रहे थे. (फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

बाद में आर्य बब्बर ने बड़े कलाकारों और निर्देशकों के साथ ‘गुरू’, ‘रेडी’ और ‘मटरू की बिजली का मंडोला’ जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग रोल किए. सलमान खान और अभिषेक बच्चन जैसे सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर करने के बाद भी उनका करियर उस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाया जिसकी उम्मीद की जा रही थी. धीरे-धीरे बॉलीवुड में उन्हें अच्छे रोल मिलना कम हो गए और उनका सफर थोड़ा धीमा पड़ गया.
(फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

जब हिंदी फिल्मों में बात नहीं बनी, तो आर्य ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री का रुख किया और यह फैसला उनके लिए वरदान साबित हुआ. पंजाबी सिनेमा में उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार और एक नई पहचान मिली. उनकी फिल्म ‘यार अन्मुल्ले’ को लोगों ने बहुत पसंद किया और वहां एक अहम अभिनेता के तौर पर उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई, जिससे उनका थमता हुआ करियर फिर से चल पड़ा. (फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

फिल्मों के अलावा आर्य बब्बर छोटे पर्दे यानी टीवी की दुनिया का भी हिस्सा बने. वह ‘बिग बॉस 8’ में नजर आए, जहां उनके बेबाक अंदाज ने खूब सुर्खियां बटोरीं. शो के दौरान एक्ट्रेस मिनिषा लांबा के साथ उनके विवाद और बयानों ने काफी हंगामा खड़ा किया था, जिसके लिए बाद में उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी थी. इसके बाद, उन्होंने ‘संकटमोचन महाबली हनुमान’ सीरियल में रावण का दमदार रोल निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. (फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

आर्य बब्बर सिर्फ अभिनय तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने अपने भीतर के लेखक को भी दुनिया के सामने पेश किया. उन्हें लिखने का बेहद शौक है और उन्होंने ‘पुष्पक विमान’ नाम की एक कॉमिक बुक भी लिखी है. भले ही आर्य को बॉलीवुड में अपने पिता राज बब्बर जैसा मुकाम न मिला हो, लेकिन अलग-अलग फील्ड में लगातार हाथ आजमाकर उन्होंने साबित किया है कि वह हार मानने वाले खिलाड़ी नहीं हैं.
(फोटो साभार: Instagram@aaryababbar222)

