EXCLUSIVE: चला जा-चला जा… 5वीं क्लास का वो प्ले… अनुपम खेर ने सुनाया ऐसा किस्सा, हंसी नहीं रोक पाएंगे

EXCLUSIVE: चला जा-चला जा… 5वीं क्लास का वो प्ले… अनुपम खेर ने सुनाया ऐसा किस्सा, हंसी नहीं रोक पाएंगे
Anupam Kher Interview: दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने अपने थिएटर सफर से जुड़ा एक बेहद मजेदार और यादगार किस्सा साझा किया, जिसमें स्कूल के दिनों से लेकर मंच के असली अनुभव तक कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिलते हैं. उन्होंने बताया कि फिल्मों में आने के कुछ सालों बाद भी उन्होंने थिएटर नहीं छोड़ा और हर दशक में एक नया नाटक चुना, क्योंकि थिएटर उन्हें जिंदगी और ऑडियंस से जोड़े रखता है. उनके मुताबिक, जब किसी कलाकार को लगता है कि उस पर ‘जंग’ लगने लगी है, तो थिएटर उसे फिर से तरोताजा कर देता है और अभिनय में नई ऊर्जा भर देता है. अपनी स्कूल लाइफ को याद करते हुए अनुपम खेर ने 5वीं क्लास के एक नाटक का किस्सा सुनाया, जिसमें उन्हें पृथ्वीराज चौहान का रोल मिला था. उस वक्त वह बेहद दुबले-पतले थे, जबकि सामने उनका सह-कलाकार जयचंद के रोल में उनसे कई गुना भारी-भरकम था. नाटक के दौरान उनका डायलॉग ‘चला जा, चला जा, बकवास कर तू’ जैसे ही चलता, सामने वाला गिर जाता था, और यह सिलसिला पूरे प्ले में मजेदार तरीके से चलता रहा. लेकिन असली ट्विस्ट तब आया जब अंतिम दृश्य में जयचंद के पिता अचानक दर्शकों में खड़े होकर चिल्ला पड़े कि ‘अब के गिरा नंदू तो घर ना आई हो’, जिससे पूरा थिएटर माहौल एकदम बदल गया. अनुपम खेर ने मुस्कुराते हुए बताया कि ऐसे लाइव और अनप्रेडिक्टेबल पल सिर्फ थिएटर में ही मिलते हैं, जो फिल्मों में कभी देखने को नहीं मिलते. उनके लिए थिएटर सिर्फ अभिनय नहीं बल्कि जीवन को समझने और खुद को तरोताजा रखने का एक तरीका है.

