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90 के दशक में जूही चावला ने हर सुपर स्टार के साथ काम किया. गोविंदा अनिल कपूर जैकी श्रॉफ और शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी खूब फेमस रही. जूही चावला ने अपने पूरे करियर में सलमान खान की हीरोइन के तौर पर काम नहीं किया. सलमान खान कभी जूही चावला से शादी भी करना चाहते थे. प्रपोजल भी भेजा था. जूही चावला ने भी एक बार सलमान खान की हीरोइन ना बन पाने का दुख जाहिर किया था. इतना जरूर है कि 90 के दशक में दोनों की जोड़ी सिर्फ एक सीन में नजर आई थी. सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म मैसिव हिट रही. फिल्म इसलिए भी खास हैं क्योंकि यह मूवी संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की आखिरी फिल्म थी. इसी फिल्म में गोविंदा ने कालजयी कॉमेडी डायलॉग ‘हटा सावन की घटा’ बोला था.

‘ओ मम्मी मम्मी, ओ डैडी, ओ मम्मी-डैडी, हो जाओ रेडी, जिसमे मेरी शादी होगी, आज मैंने वो लड़की ढूंढ ली है’ गाना भूले-बिसरे गीत में शामिल है. उदित नारायण की खनकती में यह गाना आज भी जब सुनने को मिल जाता है तो 90 की यादों को ताजा कर देता है. इस गाने में गोविंदा ने जबर्दस्त डांस किया था. गाना 23 सितंबर 1997 को रिलीज हुई फिल्म ‘दीवाना मस्ताना’ का है जिसे डेविड धवन ने डायरेक्ट किया था. इसी फिल्म के लास्ट सीन जूही चावला-सलमान खान ने सिर्फ एक सीन साथ में किया था. फिल्म मैसिव हिट रही. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प फैक्ट…………

‘दीवाना मस्ताना’ एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म थी जिसमें गोविंदा-अनिल कपूर और जूही चावाला लीड रोल में थे. जॉनी लीवर, अनुपम खेर, रीमा लागू, शक्ति कपूर, सईद जाफरी और कादर खान अहम भूमिकाओं में थे. सलमान खान का स्पेशल अपीयरेंस था. इस फिल्म के बा गोविंदा-जूही चावला ने आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया में काम किया. फिल्म में जूही चावला को पाने के लिए गोविंदा-अनिल कपूर के बीच एक रेस लगी होती है.

फिल्म की कहानी अनीस बज्मी-प्रयागराज ने लिखी थी. फिल्म केतन देसाई प्रोड्यूसर थे जिनके पिता मनमोहन देसाई 70-80 के दशक के जाने-माने निर्माता निर्देशक थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. फिल्म में कुल 6 गाने थे. इसमें ‘ओ मम्मी मम्मी, ओ डैडी डैडी’ सबसे ज्यादा पॉप्युलर हुआ था.
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‘दीवाना-मस्ताना’ एक डिले फिल्म थी. फिल्म का मुहुर्त क्लैप 1994 में अमिताभ बच्चन ने दिया था. पहले यह फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ नाम से बननी थी. अनिल कपूर, सनी देओल और जेबा बख्तियार लीड रोल में थे. जेबा को वीजा संबंधी दिक्कतों के कारण भारत छोड़ना पड़ा. ऐसे में स्क्रिप्ट बदलकर कॉमेडी कर दी गई. ऐसे में सनी देओल ने भी फिल्म छोड़ दी. फिर शाहरुख खान को फिल्म ऑफर की गई. नाम बदलकर ‘डम डम डिगा डिगा’ कर दिया गया. शाहरुख खान ने भी व्यस्तता के चलते फिल्म छोड़ दी. ऐसे में डेविड धवन ने गोविंदा को साइन किया. फिल्म आखिरकार 1997 में रिलीज हुई. गोविंदा-अनिल कपूर के लुक में भी बदलाव देखने को साफ तौर पर मिलता है.

यह लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जोड़ी की अंतिम मूवी मानी जाती है. इस मूवी के बाद लक्ष्मीकांत का निधन हो गया था और 35 साल से बॉलीवुड में राज कर रही यह संगीतकार जोड़ी टूट गई. 2024 में भारत सरकार ने प्यारेलाल जी को पद्मभूषण अवॉर्ड से नवाजा था.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी (1997) के साथ रिलीज की गई थी. यानी दीवाना मस्ताना और मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी एक ही दिन रिलीज हुई थीं. दोनों फिल्मों का डायरेक्शन डेविड धवन ने किया था. यह दूसरा मौका था जब डेविड धवन की दो फिल्में एकसाथ एक ही दिन रिलीज हुईं. इससे पहले 29 दिसंबर 1989 को उनकी दो फिल्में ‘जुर्रत’ और ‘आग का गोला’ सेम डे रिलीज हुई थीं.

‘दीवाना मस्ताना’ से पहले गोविंदा-अनिल कपूर ने 1990 में महेश भट्ट की फिल्म’आवारगी’ में एकसाथ काम किया था. दीवाना मस्ताना के बाद दोनों ने फिर कभी साथ में काम नहीं किया. फिल्म के टाइटल को लेकर भी खासा डेविड धवन को बहुत परेशानियों से गुजरना पड़ा था. दरअसल, यह टाइटल शबनम कपूर के पास था. डेविड धवन-गोविंदा ने उन्हें खूब मनाया तब जाकर उन्होंने यह टाइटल दिया था. फिल्म मनमोहन देसाई को डेडिकेट की गई थी. जॉनी लीवर को बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. फिल्म का 2012 में तेलुगू में रीमेक भी बनाया गया.

फिल्म में सतीश कौशिक ने पप्पू पेजर का यादगार रोल निभाया था. मजेदार बात यह भी है कि 1997 में ही गोविंदा-डेविड धवन ने ‘हीरो नंबर वन’ फिल्म में काम किया था. ‘दीवाना-मस्तना’ का बजट 7 करोड़ रुपये के करीब था. फिल्म ने 24 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म मैसिव हिट रही थी. पैसे कमाने के मामले में ‘दीवाना-मस्ताना’ 10वें नंबर पर रही थी. पहले नंबर पर इस साल ‘बॉर्डर’ मूवी रही थी.

