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‘लगान’ और ‘गदर’ की आंधी के बीच आई ये फिल्म, एक गाना तो 81 बार हुआ रिजेक्ट, 26 साल बाद भी सुन रो पड़ते हैं लोग

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बॉलीवुड की कितनी ही फिल्मों, गाने ऐसे हैं, जो लोगों के जहन में बस जाते हैं. 26 साल पहले आई इस फिल्म में भी 11 गाने हैं. लेकिन इनमें एक 9 मिनट का गाना तो ऐसा है, जो अमर हो गया. इस गाने को आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं.

नई दिल्ली. 26 साल पहले लव ट्रायंगल पर बनी एक ऐसी फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी,जिसकी कहानी ने लोगों को दीवाना बना दिया था. फिल्म के रोमांटिक गाने आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं. फिल्म का एक गाना तो 81 बार रिजेक्ट होने के बाद भी ब्लॉकबस्टर साबित हुआ था.

यूं अब तक बॉलीवुड में कई ऐसे गाने बने हैं, जो वक्त के साथ पुराने नहीं पड़े. उन्हीं में से एक है फिल्म ‘तुम बिन’ का गाना ‘कोई फरियाद’. इस गाने को आवाज जगजीत सिंह ने दी है. बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गाने के पीछे एक दिलचस्प कहानी छिपी है.

साल 2002 में आई फिल्म ‘तुम बिन’ की कहानी को लोगों ने काफी पसंद किया था. फिल्म के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा चाहते थे कि फिल्म में ऐसा गाना हो, जो सीधे लोगों की भावनाओं को छू जाए. गाने के बोल ऐसे हो कि लोगों के जहन में बस जाए.

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यही वजह था कि इस फिल्म के गाने के लिए उन्होंने गीतकार फैज अनवर को अप्रोच किया था. जब ये गाना उन्हें मिला तो फैज अनवर इस पर काम करने लगे थे, वह लगातार इस गाने को की लाइनें लिख रहे थे, हर बार अनुभव सिन्हा ने उनके इस गाने को रिजेक्ट कर देते थे.

मीडिया रिपोट्स की मानें तो इस गाने की उनकी 81 लाइनें रिजेक्ट कर दी गई थीं. मतलब 81 बार लाइने लिखीं और रिजेक्ट हो गईं. डायरेक्टर चाहते थे कि इस गाने में फिल्म की कहानी का हर दर्द नजर आए. कैरेक्टर्स के इमोशंस लोग शब्दों में फील करें.

कई बार उनका ये गाना रिजेक्ट किया गया. लेकिन अनवर ने भी हार नहीं मानी. एक बार उन्होंने फोन पर अनुभव सिन्हा को लाइन सुनाई,एक लम्हे में सिमट आया है सदियों का सफर…’ ये सुनकर तो डायरेक्टर सुनते ही हैरान हो गए थे, जो उन्हें चाहिए था, वो उन्हें मिल गया. तब जाकर ये गाना फाइनल हुआ.

फिर बात आई इस गाने के लिए आवाज किसकी होनी चाहिए. इसलिए इस गाने के लिए नाम फाइनल हुआ जगजीत सिंह का. तकरीबन 9 मिनट लंबे इस गाने में कई अंतरे और मुखड़े थे. इतने लंबे गाने को पूरे इमोशंस के साथ गाना उनके लिए भी आसान नहीं था.

इस गाने को अमर बनाने में जगजीत सिंह ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी.. इस गाने को रिकॉर्ड करने के चलते जगजती सिंह स्टूडियो में ही रहे थे. वह घर ही नहीं रहे थे. हर शब्द और लाइन को उन्होंने इस नजाकत के साथ गाया कि ये गाना अमर हो गया.

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